हाइलाइट्स

टीम ने सुपर-8 के अंतिम मैच में साउथ अफ्रीका को हराया
जीत के कारण ही भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंच सकी थी

नई दिल्ली. रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की अगुआई में टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप के लिए तैयार है. टूर्नामेंट के मुकाबले (T20 World Cup 2022) 16 अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया में होने हैं. लेकिन आज का दिन यानी 24 सितंबर भारत के लिए खास है. आज से 15 साल पहले 24 सितंबर 2007 को भारत ने टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था. यह वर्ल्ड कप का डेब्यू सीजन था. कप्तान एमएस धोनी (MS Dhoni) थे. हम सभी को टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला आज भी याद है. जोगिंदर शर्मा की वो गेंद और एस श्रीसंत का कैच. पाकिस्तान के मिस्बाह उल हक को आज भी उस शॉट का अफसोस है. लेकिन टीम इंडिया के लिए वह ऐतिहासिक दिन था. आइए उस दिन को फिर याद करते हैं.

वर्ल्ड कप से पहले सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ जैसे सीनियर खिलाड़ियों ने नाम वापस ले लिया था. एमएस धोनी की अगुआई में युवा टीम टूर्नामेंट खेलने उतरी. टीम का पहला मुकाबला स्कॉटलैंड से था. हालांकि यह मैच बारिश के कारण नहीं खेला जा सका था. रोहित शर्मा को शुरुआती मैच में प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली थी. उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ मौका मिला, पर बल्लेबाजी का मौका नहीं आया.

रोहित शर्मा को टी20 इंटरनेशनल में पहली बार बल्लेबाजी का मौका 20 सितंबर को मिला. यह मैच भारत और साउथ अफ्रीका के बीच था. सुपर-8 का यह मैच भारत के लिए अहम था और 61 रन पर 4 बड़े विकेट गिर गए थे. दिग्गज खिलाड़ी गाैतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग, दिनेश कार्तिक और रॉबिन उथप्पा सस्ते में आउट हो गए. तब रोहित ने नाबाद अर्धशतकीय पारी खेलकर टीम को 150 रन के पार पहुंचाया था. वे 40 गेंद पर 50 रन बनाकर नाबाद रहे थे. 7 चौका और 2 छक्का जड़ा था. उन्होंने एमएस धोनी (45) के साथ 5वें विकेट के लिए 85 रन जोड़कर टीम को संभाला.

आरपी सिंह ने खेली थी आक्रामक पारी
भारत ने पहले खेलते हुए 5 विकेट पर 153 रन बनाए थे. जवाब में साउथ अफ्रीका की टीम 9 विकेट पर 116 रन ही बना सकी थी. भारत ने यह मुकाबला 37 रनों से जीता था. साउथ अफ्रीका के 9 बल्लेबाज दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच सके थे. मार्क बाउचर और एल्बी माॅर्कल ने 36-36 रन बनाए थे. भारत की ओर से बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आरपी सिंह ने बेहतरीन गेंदबाजी की थी. उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 13 रन देकर 4 विकेट झटके थे. एस श्रीसंथ और हरभजन सिंह को 2-2 विकेट मिला था.

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तो टीम हो जाती बाहर
भारतीय टीम का यह सुपर-8 का अंतिम मैच था. टीम यदि यह मैच हार जाती है, तो सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाती. भारत, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के 3-3 मैच के बाद 4-4 अंक थे. लेकिन अच्छे नेट रनरेट के कारण भारत और न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया. भारत ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 15 रन से जबकि पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड को 6 विकेट से मात दी थी. फाइनल मैच टीम इंडिया ने 5 रन से जीता था. भारत ने पहले खेलते हुए 157 रन बनाए थे. जवाब में पाकिस्तान की टीम 152 रन बनाकर सिमट गई थी. फाइनल में भी रोहित ने 16 गेंद पर नाबाद 30 रन बनाए थे. उस समय उनकी उम्र 20 साल की थी. 2 चौका और एक छक्का जड़ा था. इस कारण टीम 150 रन तक पहुंच सकी थी.

Tags: Indian Cricket Team, Ms dhoni, Rohit sharma, T20 World Cup, T20 World Cup 2007, Team india



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