हाइलाइट्स

जनमत संग्रह के विवादित क्षेत्रों में 23 से 27 सितंबर के बीच में कराये जाने की योजना है
पुतिन के ग्रैंड प्लान के तहत ही 2014 में रूस यूक्रेन से क्रीमिया भी हथिया चूका है
रूस का हिस्सा बनने के लिए किया जायेगा यह जनमत संग्रह

मॉस्को. चार रूसी कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों के रूस में शामिल करने को लेकर जनमत संग्रह कराये जाने की घोषणा पर विश्व नेताओं ने रोष जताया है. न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र के एक कार्यक्रम में रूस के इस फैसले को विश्व नेताओं ने एकतरफा करार दिया है. न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक रूस के इस कदम पर मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र में पत्रकारों के सवालों के जवाब में यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा कि रूसी जो चाहें कर सकते हैं लेकिन उससे कुछ भी नहीं बदलेगा. उन्होंने आगे कहा कि यूक्रेन किसी भी हाल में अपने क्षेत्रों को रूस से आजाद कराएगा.

यूक्रेन के 15 प्रतिशत हिस्से को शामिल करेगा रूस
रूस इस जनमत संग्रह की मदद से यूक्रेन के करीब 15 प्रतिशत हिस्से को अपने देश में शामिल कर लेगा. यह क्षेत्र हंगरी जितना बड़ा है जिसमें यूक्रेन के लुहान्स्क, डोनेट्स्क, खेरसॉन और ज़ापोरिज़्ज़िया प्रान्त शामिल हैं. जनमत संग्रह के विवादित क्षेत्रों में 23 से 27 सितंबर के बीच में कराये जाने की योजना है. आपको बता दें कि सोवियत यूनियन को फिर से खड़ा करने के पुतिन के ग्रैंड प्लान के तहत ही 2014 में रूस यूक्रेन से क्रीमिया भी हथिया चूका है.

वैश्विक नेताओं ने जताई चिंता
रूस के इस कदम के बाद संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली में विश्व के बड़े नेताओं ने शांति को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है. रूस पर कटाक्ष करते हुए जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ ने कहा कि पुतिन जल्द अपनी शाही महत्वाकांक्षाओं को छोड़ देंगे जब उन्हें पता चलेगा कि वह यूक्रेन युद्ध नहीं जीत सकते हैं. वहीं जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता खतरे में है. साथ ही उन्होंने यूएनएससी में सुधारों की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए रिफार्म की बात को भी दोहराया.

क्या भारत रूस की तरह POK को शामिल कर सकता है?
रूस के विपरीत भारत की छवि शांति पसंद देश की रही है. जहां रूस पर वेस्टर्न वर्ल्ड ने कड़े प्रतिबंध लगाए हुए हैं तो वहीं भारत अभी भी अपने देश में मुलभुत सुविधाओं को ठीक करने पर जोर दे रहा है. भारत के पास भी रूस की तरह पाकिस्तान पर हमला कर POK वापस शामिल करने का विकल्प खुला है लेकिन यूक्रेन के विपरीत पाकिस्तान के पास परमाणु हथियारों का होना भी इस प्रक्रिया को जटिल बनाता है.

Tags: Russia



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