नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट के लिए साल 2011 का विश्व कप जीतनाएक बेहद खास अवसर था. 1983 के वर्ल्ड कप की जीत के बाद, यह पहली बार था जब भारतीय क्रिकेट टीम ने 50 ओवरों का आईसीसी टूर्नामेंट अपने नाम किया. उस जीत में गौतम गंभीर ने अहम भूमिका निभाई थी. वह 2011 विश्व कप में नौ मैचों में 393 रनों के साथ भारत के लिए दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे. उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में अपने सर्वाधिक 97 रनों के साथ टूर्नामेंट चार बार पचास से अधिक का स्कोर पार किया. गंभीर ने फाइनल में भी एमएस धोनी की अगुवाई वाली भारत के लिए सबसे अधिक रनों का योगदान दिया और टीम को 48.2 ओवर में 275 रन के लक्ष्य का पीछा करने में मदद की.

गंभीर ने अब खुलासा किया है कि पाकिस्तान के खिलाफ भारत के सेमीफाइनल से पहले, कुछ वरिष्ठ खिलाड़ियों ने उनसे कहा था कि उन्हें ‘1983 विश्व कप की बातचीत को अब खत्म करना होगा.’ दरअसल, ये खिलाड़ी 1983 विश्व कप में कपिल देव की अगुवाई वाली टीम इंडिया के कारनामों का जिक्र कर रहे थे. उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, ‘दो या तीन सीनियर खिलाड़ी मेरे पास आए और कहा कि हमें इस टूर्नामेंट को जीतने की जरूरत है क्योंकि अब 1983 का जिक्र हम नहीं सुनना चाहते. हमें उनकी बात खत्म करनी है.’

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FIRST PUBLISHED : September 20, 2022, 11:06 IST



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