भोपाल. राजधानी भोपाल में हाल ही में सिमी आतंकियों को मिली सजा के बाद एमपी इंटेलिजेंस सिस्टम फिर एक्टिव हो गया है. संदिग्ध गतिविधियों के इनपुट के बाद पुलिस इस संगठन से प्रभावित स्लीपर सेल पर नजर रखी हुई है. पुलिस मुख्यालय लगातार मूवमेंट और गतिविधियों की मॉनिटरिंग कर रहा है.

शुक्रवार को भोपाल जिला कोर्ट ने 2 सिमी आतंकियों सादिक, उमेर  को उम्रकैद और 2 आतंकियों अबू फैजल, इरफान नागौरी को 10–10 साल की सजा सुनाई थी. सूत्रों के अनुसार इस फैसले के बाद इंटेलिजेंस ने मध्य प्रदेश पुलिस अलर्ट जारी कर दिया था. इंटेलिजेंस को इनपुट मिला था कि सिमी संगठन की विचारधारा से प्रभावित स्लीपर सेल प्रदेश की फिजा में जहर घोलने की साजिश रच रहा है. स्लीपर सेल की संदिग्ध गतिविधियों का इनपुट भी मिला था. इसलिए सेल की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए रखने के साथ पुलिस मुख्यालय भी मॉनिटरिंग कर रहा है. JMB आतंकी संगठन को लेकर पहले ही एमपी पुलिस अलर्ट पर है.

जेल ब्रेक के बाद सेंधवा में मुठभेड़
1 अक्टूबर 2013 को सिमी आतंकी अबु फैजल अपने साथी के साथ खंडवा जेल की दीवार फांद कर फरार हो गया था. एटीएस आईजी को सूचना मिली कि खंडवा जेल से फरार सिमी आतंकी महाराष्‍ट्र और मध्‍यप्रदेश के सीमावर्ती जिले में आने वाले हैं. इस पर 23–24 दिसंबर की दरमियानी रात एटीएस की टीम सेंधवा पहुंची. वहां पर अबु फैजल, इरफान नागौरी और खालिद अहमद की एटीएस की टीम के साथ मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ के दौरान सिमी के तीनों आतंकियों को एटीएस की टीम ने पकड़ लिया था और उनके पास से पिस्‍टल, कारतूस बरामद किए थे.

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ऐसे पकड़े गए थे सिमी आतंकवादी
आतंकी अबू फैजल और इरफान नागौरी ने पूछताछ में एटीएस को बताया कि  विस्‍फोटक उन्‍होंने सादिक निवासी सौलापुर को दे दिया है. जब एटीएस ने सादिक को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की तो उसने विस्‍फोटक का उमेर दण्‍डोती के पास होना बताया. जब उमेर दण्‍डोती को पकड़ा तो उसके पास से पिस्‍टल, जिलेटिन रॉड, डायनामाइट बरामद हुआ. आगे की पूछताछ में उन्‍होंने अन्‍य आरोपियों का भी साथ में होना बताया. इसके बाद एटीएस ने 9 लोगों के खिलाफ एनआईए की स्पेशल कोर्ट में चालान पेश किया. इस मामले में अन्‍य आरोपी फरार थे, जो बाद में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे.

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