हाइलाइट्स

आप के राष्ट्रीय सम्मेलन में कथित ‘‘ऑपरेशन लोटस’’ की निंदा की गई.
नेताओं ने कहा कि ऑपरेशन लोटस में शामिल लोगों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया जाए.
आम आदमी पार्टी ने ऑपरेशन लोटस के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया.

नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) के एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कथित ‘‘ऑपरेशन लोटस’’ की निंदा की गई. साथ ही एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें मांग की गई कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया जाए और उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी जाए. ‘आप’ के निर्वाचित प्रतिनिधियों ने भारत को दुनिया का नंबर एक देश बनाने और इसकी सफलता के लिए 130 करोड़ लोगों को एकजुट करने का हर संभव प्रयास करने का संकल्प लिया. ‘आप’ सांसद संजय सिंह ने ‘‘ऑपरेशन लोटस’’ पर प्रस्ताव पेश करते हुए इसे स्वतंत्र भारत की शुचिता पर अब तक का ‘‘सबसे बड़ा हमला’’ बताया और कहा कि यह देश पर किसी भी विदेशी आक्रमण से ‘‘बड़ा खतरा’’ है.

प्रस्ताव में कहा गया है, ‘‘ऑपरेशन लोटस के जरिये देश के विभिन्न हिस्सों में चुनी हुई सरकारों को गिराकर लोगों पर अवैध सरकारों को थोपा जा रहा है. यह भारत का सबसे बड़ा घोटाला है.’’ इसमें मांग की गई है, ‘‘ऑपरेशन लोटस के लिए जिम्मेदार लोग राजद्रोही हैं. उन पर राजद्रोह का आरोप लगाया जाना चाहिए और आजीवन कारावास की सजा दी जानी चाहिए.’’ सम्मेलन के दूसरे सत्र में, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री एवं ‘आप’ के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक की ‘‘मेक इंडिया नंबर 1’’ पहल के लिए पार्टी नेताओं के समर्थन और प्रतिबद्धता की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि आम आदमी पार्टी “ईश्वर की इच्छा” से 2012 में अस्तित्व में आई और जैसा कि बाल स्वरूप में श्रीकृष्ण ने किया था, उसी तरह पार्टी भी भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी जैसे “बड़े दानवों” का वध कर रही है.

केजरीवाल ने इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में आयोजित आम आदमी पार्टी के पहले राष्ट्रीय अधिवेशन में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि पार्टी की स्थापना 26 नवंबर 2012 को हुई थी और यह महज इत्तेफाक नहीं है कि इसके ठीक 63 साल पहले उसी दिन संविधान सभा ने 1949 में संविधान को अपनाया था. उन्होंने कहा कि उस समय (2012) अन्य राजनीतिक दलों ने संविधान का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. केजरीवाल ने कहा, “तब ईश्वर को हस्तक्षेप करना पड़ा और संविधान सभा द्वारा संविधान को अपनाने के ठीक 63 वर्ष बाद 26 नवंबर 2012 को आम आदमी पार्टी की स्थापना हुई ताकि संविधान को बचाया जा सके.”

Tags: Aam aadmi party, Arvind kejriwal



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