हाइलाइट्स

पुलिस ने वीडियो कांड में अभी तक 3 लोगों को गिरफ्तार किया है.
सीएम भगवंत मान ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिये हैं.
छात्राओं ने कैंपस में जमकर प्रदर्शन किया है.

चंडीगढ़. हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा द्वारा कई अन्य छात्राओं का ‘आपत्तिजनक’ वीडियो बनाए जाने की ‘अफवाह’ को लेकर पंजाब के मोहाली स्थित एक निजी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित छात्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. साथ ही पुलिस ने शिमला से उस युवक को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसे छात्रा कथित तौर पर वीडियो भेजती थी. पुलिस ने इस युवक के साथ एक अन्य युवक को भी गिरफ्तार किया है. आरोपी युवक का नाम रंकुज है और उसकी उम्र 31 साल बताई जा रही है. आरोपी युवक उस लड़की का दोस्त बताया जा रहा है जिसने लड़कियों के वीडियो बनाए थे. पुलिस ने आरोपी युवक को ढली थाना क्षेत्र के इंद्रनगर से पकड़ा है. पंजाब पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है. रविवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले की जांच के आदेश दिए. शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने एक छात्रा को गिरफ्तार किया है.

रात भर हुए प्रदर्शन के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिये अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के परिसर पहुंचीं पंजाब की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुरप्रीत देव ने संवाददाताओं से कहा कि ऐसा लगता है कि आरोपी छात्रा ने अपना एक वीडियो युवक के साथ साझा किया और किसी अन्य छात्रा का कोई आपत्तिजनक वीडियो नहीं मिला है. विश्वविद्यालय परिसर में हालांकि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने रविवार शाम को फिर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी छात्रों में से कुछ ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों पर घटना को “दबाने” का आरोप लगाया.

मोहाली के एसएसपी सोनी ने कहा कि घटना की जांच के लिए एक महिला जांच अधिकारी को तैनात किया गया है. उन्होंने कहा, “अगर आप अब तक की घटनाओं के क्रम को देखें, तो हमारी जांच में पता चला है कि वीडियो केवल उसका ही था। इसके अलावा, किसी अन्य (छात्रा) का कोई वीडियो नहीं है.”

अधिकांश प्रदर्शनकारियों ने काले कपड़े पहन रखे थे और उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में “हमें न्याय चाहिए” जैसे नारे लगाए. मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विवेक शील सोनी ने संवाददाताओं को बताया कि कई छात्राओं का वीडियो बना कर लीक किए जाने की ‘अफवाह’ के बाद विश्वविद्यालय में आधीरात के बाद प्रदर्शन हुआ.

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार छात्रा का मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिये जब्त कर लिया गया है और किसी छात्रा के आत्महत्या की कोशिश करने का मामला सामने नहीं आया है और इस मामले में किसी की मौत नहीं हुई है.अधिकारियों ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा- 354 सी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है.

मुख्यमंत्री मान ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री मान ने ट्वीट किया, ‘‘चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बारे में सुनकर दुख हुआ. हमारी बेटियां हमारा सम्मान हैं. मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं. जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं प्रशासन के संपर्क में हूं.” इसके साथ ही मान ने लोगों से अफवाहों पर गौर नहीं करने की अपील की. इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रियाएं आईं और केंद्र व राज्य महिला अधिकार निकायों ने भी दखल दिया.

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मामले में संलिप्त लोगों को “कठोरतम सजा” मिलेगी. केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘पीड़ित बेटियां हिम्मत रखें। हम सब आपके साथ हैं. सभी संयम से काम लें.’’

पंजाब महिला आयोग की अध्यक्षा मनीषा गुलाटी ने भी विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने कहा, ‘‘ मैं अभिभावकों की चिंता को समझ सकती हूं और उन्हें आश्वस्त करना चाहती हूं कि इस मामले की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है.’’

गुलाटी ने कहा, ‘‘यह गहन का जांच का विषय है कि महिला ने क्यों वीडियो बनाया. उसने अन्य लड़कियों का वीडियो रिकॉर्ड किया या नहीं, यह जांच का विषय है.’’ राष्ट्रीय महिला आयोग ने एक बयान में कहा कि निकाय की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने पंजाब पुलिस के महानिदेशक को पत्र लिखकर मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और इस मामले में बिना किसी लापरवाही के कड़ाई से निपटने को कहा है.

आयोग ने कहा कि मामले की पीड़ित लड़कियों को उचित परामर्श दिया जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. महिला अधिकार निकाय ने चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति को भी पत्र लिखकर कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और विश्वविद्यालय से मामले की निष्पक्ष तरीके से गहन जांच करने को कहा है.

कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, शिरोमणि अकाली दल की नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा समेत विपक्षी नेताओं ने दोषियों के लिए सख्त सजा की मांग की है. बादल ने कहा कि सरकार को सभी तथ्य सार्वजनिक करने चाहिए और कुछ दबाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.

राज्य में नेता विपक्ष बाजवा ने कहा, “चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की घटना व्यथित कर रही है. इस अपराध के अपराधियों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए और मिसाल दिये जाने योग्य सजा दी जानी चाहिए. अगर कोई वीडियो अग्रसारित करता है, तो हमें एक समाज के रूप में इसकी जानकारी अधिकारियों को देनी चाहिए और इस कठिन समय में हम अपनी बहनों के साथ खड़े हैं.” (इनपुट भाषा से)

Tags: Chandigarh news, Punjab





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