हाइलाइट्स

सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सेवा को 19,061 फीट पर शुरू किया गया.
सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा वॉर जोन है, जहां सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा शुरू की गई है.
सेना ने भारतीय रक्षा उद्योग को महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों की पेशकश करने के लिए आमंत्रित किया.

नई दिल्ली. भारतीय सेना के फायर एंड फ्यूरी कोर ने कहा कि सियाचिन सिग्नलर्स द्वारा 18 सितंबर को सियाचिन ग्लेशियर पर सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सेवा को 19,061 फीट पर शुरू कर दिया गया. भारतीय सेना के विंग ने कहा कि यह दुनिया का सबसे ऊंचा वॉर जोन है, जहां सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा शुरू की गई है. इससे पहले दिन में, भारतीय सेना ने भारतीय रक्षा उद्योग को आपातकालीन खरीद के लिए महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों की पेशकश करने के लिए आमंत्रित किया. इसके लिए बंदूकें, मिसाइल, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन, लोइटर एम्युनिशन, कम्युनिकेशन और ऑप्टिकल सिस्टम, विशेषज्ञ वाहन, इंजीनियरिंग उपकरण और वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों के लिए प्रस्ताव रखे गए हैं.

इसके अलावा, भारतीय सेना ने कहा कि खरीद की प्रक्रिया तय समयसीमा पर आधारित होगी, जिसमें भारतीय उद्योग के लिए 6 महीने के लिए विकल्प खुला रहेगा और उद्योग से कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर करने के एक साल के भीतर उपकरण देने की उम्मीद की जाएगी. सियाचिन ग्लेशियर कश्मीर के उत्तर में 6700 मीटर की ऊंचाई पर है. ये केवल इसलिए घातक नहीं माना जाता है कि यहां की ढलानों और घाटियों में बड़ी संख्या में सैनिक मौजूद होते हैं. बल्कि इसलिए भी कि यहां की जलवायु और दुर्गम इलाके जानलेवा हैं. बता दें कि सियाचिन में आसतन तापमान पूरे साल शून्य से 20 डिग्री नीचे तक रहता है. लेकिन ठंड में यहां तापमान 50 डिग्री नीचे तक चला जाता है.

Tags: Siachen





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