वर्ल्‍ड क्‍लीनअप डे के मौके पर जम्‍मू कश्‍मीर के डल झील को भी साफ करने का अभियान शनिवार को शुरू किया गया है. इसके लिए बड़ी संख्‍या में स्‍वयंसेवक जुटे हैं. यह अभियान लेट्स डू इिट संस्‍था की ओर से शुरू किया गया है. इसके संस्‍थापक प्रो पंकज चौधरी और संस्‍था के बड़ी संख्‍या में मौजूद स्वयंसेवकों ने पहुंचकर इस झील की सफाई के लिए अभियान की शुरुआत की है.

डल झील कश्मीर के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में से एक है. पृथ्वी का स्वर्ग कहा जाने वाला जम्‍मू कश्‍मीर अब प्रदूषण और कचरे से खराब हो रहा है. डल झील को साफ और बनाए रखने की आवश्यकता इतनी महत्वपूर्ण कभी नहीं रही होगी. यह बात प्रो पंकज चौधरी ने समझी और उनके मार्गदर्शन में संस्‍था ने वर्ल्‍ड क्‍लीनअप डे 2022 पर एक सफाई पहल का आयोजन किया था. प्रो पंकज खुद वहां व्यक्तिगत रूप से उज्जवल भारत की मशाल थामे हुए थे. उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित किया और उन्हें सफाई और स्थायी लक्ष्यों के बारे में अभूतपूर्व जानकारी दी. उन्होंने लेट्स डू इट इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष, स्थानीय नेताओं और हजारों स्वयंसेवकों के साथ मैदान में जाकर इलाके की सफाई कर यह दिवस मनाया.

लेट्स डू इट इंडिया एक आंदोलन है जो पूरे भारत में लोगों को प्रोत्साहित करता है. यह संगठन शिक्षा, पर्यावरण और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में काम करता है. लेट्स डू इट इंडिया फाउंडेशन की स्थापना 2009 में प्रोफेसर पंकज चौधरी ने भारत को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से की थी. वह संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम और यूरोपीय संघ द्वारा समर्थित विश्‍व सफाई दिवस के संस्थापक बोर्ड के सदस्य भी हैं.

विश्व स्वछता दिवस लेट्स डू इट इंडिया का प्रमुख कार्यक्रम है, एक वैश्विक आंदोलन जो वैश्विक अपशिष्ट समस्या से निपटने और एक स्थायी दुनिया का निर्माण करने के लिए 191 देशों में लाखों स्वयंसेवकों, सरकारों और संगठनों को एकजुट करता है. इस दिवस पर कूड़े की सफाई और अपशिष्ट मानचित्रण गतिविधियां शामिल हैं जो हर समय क्षेत्र में फैली हुई हैं. जमीनी स्तर पर स्वयंसेवकों के समन्वय में पूरे देश में पिछले दस वर्षों से पर्यावरण सफाई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. पंकज चौधरी ने इस साल कश्मीर से विश्‍व स्‍वच्‍छता दिवस का एक मेगा संस्करण शुरू किया, जो जम्मू और कश्मीर इको वॉच और गो ग्रीन श्रीनगर संगठन के साथ साझेदारी में 1500+ स्वयंसेवक के साथ सफाई कर रहा है.

लेट्स डू इट इंडिया का उद्देश्य कई तरह के कचरे के प्रति जागरूकता बढ़ाना है. 2020 में संगठन ने एक अभियान ‘पिकअप सिगरेट बट्स!’ और डिजिटल क्लीनअप गतिविधि शुरू की, इसे सबसे बड़ा डिजिटल क्लीन-अप अभियान बनाने और कोरोना महामारी के दौरान डिजिटल पदचिह्न द्वारा उत्पन्न सीओ 2 उत्सर्जन को कम करके संकट के दौरान अवसर पैदा करने का प्रयास जब लोग विश्‍व सफाई दिवस पर अपने घरों से बाहर नहीं निकल सके.

यह लोगों को रीसाइक्लिंग के लिए समूह को अपने इस्तेमाल किए गए सिगरेट फिल्टर इकट्ठा करने और भेजने के लिए प्रोत्साहित करता है. विश्व स्वच्छता दिवस पर, चलो इसे करते हैं भारत समकालीन समाज द्वारा सामना की जा रही पर्यावरणीय चिंताओं के साथ-साथ इससे उत्पन्न स्वच्छता से संबंधित समस्याओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए पृष्ठभूमि की एक विस्तृत श्रृंखला के लोगों को संलग्न करता है.

इस वर्ष भारत ने जल शक्ति मंत्रालय, पर्यावरण और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार और संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और पृथ्वी दिवस नेटवर्क के साथ सहयोग किया है. संगठन ने एचसीएल, गठबंधन भागीदारों, हिंदुजा आदि जैसे 100 से अधिक कॉर्पोरेट्स और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों सहित सफाई गतिविधियों के लिए काम करने वाले 1000 से अधिक गैर सरकारी संगठनों के साथ साझेदारी की है.

2020 में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (भारत) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को बीड़ी अवशेषों और सिगरेट के बटों के निपटान के लिए नियम विकसित करने का निर्देश दिया. उसी वर्ष विश्‍व स्‍वच्‍छता दिवस ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशानिर्देशों के तहत सिगरेट के बटों और बीड़ी के अवशेषों को इकट्ठा करने का अभियान शुरू किया. इस आंदोलन को संयुक्त राष्ट्र-पर्यावास, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम और पृथ्वी दिवस नेटवर्क जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा समर्थित किया जाता है. संगठन हर साल विश्‍व स्‍वच्‍छता दिवस पर टनों कचरा एकत्र करता है.



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