समरकंद. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) शुक्रवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद उज्बेकिस्तान के समरकंद शहर से शुक्रवार को स्वदेश रवाना हुए. उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव और तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की. शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और समूह के अन्य नेता भी शामिल हुए.

मोदी ने समरकंद से स्वदेश रवाना होने से पहले ट्वीट किया, ‘एससीओ शिखर सम्मेलन में सार्थक बहुपक्षीय और द्विपक्षीय बातचीत हुई. मैं उज्बेकिस्तान के लोगों और सरकार को उनके आतिथ्य के लिए धन्यवाद देता हूं.’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री मोदी के नई दिल्ली के लिए उड़ान भरने के साथ समरकंद की यात्रा समाप्त हुई. एससीओ शिखर सम्मेलन की बैठकों में प्रधानमंत्री की भागीदारी और हमारे सहयोगियों के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा देगी.’

कोविड-19 महामारी और यूक्रेन संकट के कारण पैदा हुए व्यवधान दूर हों 

प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 महामारी और यूक्रेन संकट के कारण पैदा हुए व्यवधानों को दूर करने के लिए एससीओ से भरोसेमंद एवं लचीली आपूर्ति श्रृंखला तैयार करने का आह्वान किया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बेहतर संपर्क (कनेक्टिविटी) और सदस्य देशों द्वारा पारगमन सुविधाओं का ‘पूर्ण अधिकार’ प्रदान किया जाना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अहम हैं. एससीओ की शुरुआत 2001 में शंघाई में हुई थी और इसके आठ पूर्ण सदस्य हैं, जिनमें छह संस्थापक सदस्य चीन, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं. भारत और पाकिस्तान इसमें 2017 में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हुए थे.

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